दाती महाराज के 77 वां जन्मोत्सव एवं 30 वां दाती कन्या भ्रूण सरंक्षण दिवस पर संतों की गौ-महाकुंभ, गौ-संवर्धन, दाती कन्या भ्रूण संरक्षण और इष्ट-पूजा के जनजागरण का हजारों साधू-संतो लिया संकल्प

Submitted by Shanidham Gaushala on 14 Jul, 2026

नई दिल्ली। श्री १००८ शनिधाम पीठाधीश्वर एवं महामंडलेश्वर दाती महाराज के अवतरण दिवस को इस वर्ष ' दाती कन्या भ्रूण संरक्षण दिवस' के रूप में मनाते हुए देशभर से आए जगद्गुरुओं, शंकराचार्यों, महामंडलेश्वरों, महंतों, आचार्यों और संत-महात्माओं की विशाल गौ-महाकुंभ आयोजित हुई। इस अवसर पर गौ-संवर्धन, दाती कन्या भ्रूण संरक्षण, बेटी शिक्षा, इष्ट-पूजा तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण को लेकर संत समाज ने एक स्वर में जनजागरण का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जगद्गुरु आदि शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी महाराज एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष तथा श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के सचिव श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने की। समारोह में देशभर के विभिन्न अखाड़ों एवं धार्मिक संस्थाओं से जुड़े हजारों संत, महामंडलेश्वर, महंत, मठाधीश और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में जगद्गुरु आदि शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी महाराज ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा, करुणा और लोककल्याण की जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि बेटी की रक्षा करना, गौमाता की सेवा करना और समाज को ईश्वर के प्रति आस्थावान बनाना प्रत्येक सनातनी का प्रथम दायित्व है। यदि नई पीढ़ी को संस्कार, धर्म और संस्कृति से जोड़ा जाएगा तो भारत पुनः विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा मानवता पर कलंक है और इसके उन्मूलन के लिए संत समाज को गांव-गांव जाकर जनजागरण करना होगा।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने कहा कि गौ-संरक्षण और बेटी बचाओ अभियान केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौमाता और कन्या दोनों पूजनीय हैं और इनके संरक्षण के बिना सनातन परंपरा की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि प्रत्येक गांव में गौशालाओं को सशक्त बनाया जाए, चारागाहों का संरक्षण किया जाए तथा परंपरागत गोपालन व्यवस्था को पुनर्जीवित किया जाए।
महंत रवींद्र पुरी महाराज ने दाती महाराज द्वारा वर्षों से संचालित कन्या भ्रूण संरक्षण, बेटी शिक्षा, गौ-सेवा और मानव सेवा के विविध प्रकल्पों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य पूरे संत समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने घोषणा की कि श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान तथा गौ-संरक्षण एवं संवर्धन के लिए 5 लाख 11 हजार की सहयोग राशि महामंडलेश्वर निजस्वरूपानंद जी महाराज को समर्पित की जाती है। उन्होंने कहा कि अखाड़ों के इतिहास में पहली बार किसी संत के सामाजिक सेवा प्रकल्पों के लिए इस प्रकार आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है और यह समाजहित के कार्यों को गति देने की नई शुरुआत है।
गौ-महाकुंभ में संतों ने एक स्वर में कहा कि गौवंश की रक्षा के लिए देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। गांव-गांव में चारागाहों का संरक्षण, देसी गौवंश के संवर्धन तथा पारंपरिक ग्वाल व्यवस्था को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने, प्रत्येक बेटी को जन्म, शिक्षा और सम्मान का अधिकार दिलाने तथा युवाओं को ईश-पूजा, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का संकल्प भी लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान संत समाज ने दाती महाराज द्वारा संचालित सामाजिक और आध्यात्मिक अभियानों की मुक्त कंठ से सराहना की। संतों ने कहा कि आध्यात्मिकता तभी सार्थक है, जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा, करुणा और संस्कार पहुंचाने का माध्यम बने। उन्होंने दाती महाराज के नेतृत्व में चल रहे कन्या संरक्षण, गौ-सेवा, शिक्षा और मानव कल्याण के कार्यों को अनुकरणीय बताया।
राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर और अविनाश गहलोत, अमरोहा के सांसद चौ. कंवर सिंह तंवर, छतरपुर विधायक करतार सिंह तंवर, आरके पुरम विधायक अनिल शर्मा, लोनी विधायक नंदकिशोर गुज्जर भोजपुरी स्टार खेसारी लाल भी कार्यक्रम में पहुचे लिया आशीर्वाद 
गौ सरंक्षण और सवर्धन के लिए अच्छा कार्य करने वाले आदिगुरू शंकराचार्य जी महाराज व अखाडा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्रपुरी जी महाराज के हाथो हुए सम्मानित 
महामंडलेश्वर ईश्वरदास जी महाराज को गौ ऋषि सम्मान से और “राष्ट्र गौ गौरव सम्मान” से श्रीमती पूनम रस्तोगी, नरेन्द्र रस्तोगी, छैलाराम काग सीरवी, ओम प्रकाश सीरवी, केनाराम सीरवी, तुलसीराम सीरवी, राजाराम सीरवी, केसाराम राठौर सीरवी, शेषाराम सीरवी, मंगलाराम सोलंकी, चुन्नीलाल काग, चुन्नीलाल गहलोत, सुमाराम परिहार, दातिया बालाजी गौशाला, सोजत, श्री कृष्ण गौशाला संस्थान, रोहट, सुरभि गौ सेवा संस्थान, पाली
हजारों संतों, श्रद्धालुओं और धर्माचार्यों की उपस्थिति में आयोजित यह समारोह आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का विराट मंच बन गया। संत समाज ने अंत में यह संकल्प दोहराया कि गौ-संवर्धन, कन्या भ्रूण संरक्षण, बेटी शिक्षा और इष्ट-पूजा के जनजागरण को देश के प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि सनातन संस्कृति की मूल भावना सेवा, संस्कार और समरसता के साथ और अधिक सशक्त हो सके। इस अवसर नाटक के रूप में शिवानी एंड ग्रुप ने प्रस्तुत किया शक्ति की उत्पत्ति और बेटी बचाओ बेटी पढाओ की कहानी ने तो सबकी आँखे नम हो गई वही राजस्थान से सुप्रसिद्ध भजन गायक गजेन्द्र राव, आकृति मिश्रा, नन्दलाल भाट, तेजपालसिंह नरवर ने एक से बढ़ कर भजनों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया