आओ मिलकर एक सुनहरा भारत बनाएं गौरी (बेटी), गाय और गंगा को बचाएं

गौशाला उत्पाद (Gaushala Products)

देसी गिर गाय घी

देसी गिर गाय घी

शुद्ध देसी गिर गाय का घी - 500 ग्राम

₹1,200
गौमूत्र अर्क

गौमूत्र अर्क

शुद्ध गौमूत्र अर्क - 500 मि.ली.

₹150
गोबर धूप / उपले

गोबर धूप / उपले

देसी गाय के गोबर से बनी धूप एवं उपले

₹100
दाती महाराज के 77 वां जन्मोत्सव एवं  30 वां दाती कन्या भ्रूण सरंक्षण दिवस  पर संतों की गौ-महाकुंभ, गौ-संवर्धन, दाती कन्या भ्रूण संरक्षण और इष्ट-पूजा के जनजागरण का हजारों साधू-संतो लिया संकल्प

दाती महाराज के 77 वां जन्मोत्सव एवं 30 वां दाती कन्या भ्रूण सरंक्षण दिवस पर संतों की गौ-महाकुंभ, गौ-संवर्धन, दाती कन्या भ्रूण संरक्षण और इष्ट-पूजा के जनजागरण का हजारों साधू-संतो लिया संकल्प

दाती महाराज के 77 वां जन्मोत्सव एवं 30 वां दाती कन्या भ्रूण सरंक्षण दिवस पर संतों की गौ-महाकुंभ, गौ-संवर्धन, दाती कन्या भ्रूण संरक्षण और इष्ट-पूजा के जनजागरण का हजारों साधू-संतो लिया संकल्प श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' और गौ-संरक्षण अभियान के लिए दिए 5.11 लाख, देशभर से जुटे हजारों संतों ने समाज जागरण का किया आह्वान


शनिधाम गौशाला में धूमधाम से मनाया गया गोपाष्टमी का महापर्व

शनिधाम गौशाला में धूमधाम से मनाया गया गोपाष्टमी का महापर्व

नई दिल्ली। गोपाष्टमी का सनातन धर्म में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। यह त्योहार मुख्य रूप से गौ माता और भगवान कृष्ण के प्रति श्रद्धा और भक्ति को समर्पित है। गोपाष्टमी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन गौ माता और भगवान कृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है क्योंकि यह दिन भगवान कृष्ण द्वारा गौ चराने की शुरुआत की गई थी। इस अवसर पर शनिवार को सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम में धूमधाम –असोला, फतेहपुर बेरी स्थित शनिधाम गौशाला में गोपाष्टमी का धूमधाम से इस महापर्व को मनाया गया।


गोपाष्टमी का महापर्व पुजा-अर्चना कर श्रद्धा से मनाया गया

गोपाष्टमी का महापर्व पुजा-अर्चना कर श्रद्धा से मनाया गया

सोडावास, पाली के निकटवर्ती ग्राम सोडावास में सोडावास श्री शनिधाम गौशाला में गौमाताओं की पुजा-अर्चना कर श्रद्धा से मनाया गया गोपाष्टमी का महापर्व गौमाताओं को श्रीमहंत श्रद्धापुरी जी महाराज ने चन्दन रौली का टिका, चुंदरी ओड़ाकर गुड लापसी का भोग लगवाकर सुख समृद्धि की कामना की गई


गौमाता से जुड़ी जरूरी और रोचक जानकारी

Submitted by Shanidham Gaushala on 29 May, 2020

हिंदू धर्म में गाय को माता कहा गया है। पुराणों में धर्म को भी गौ रूप में दर्शाया गया है। भगवान श्रीकृष्ण गाय की सेवा अपने हाथों से करते थे और इनका निवास भी गोलोक बताया गया है। इतना ही नहीं गाय को कामधेनु के रूप में सभी इच्छाओं को पूरा करने वाला भी बताया गया है। हिंदू धर्म में गाय के इस महत्व के पीछे कई कारण हैं जिनका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व भी है।


Read More 2,774 reads

भारतीय नस्ल के 20 सर्वाधिक लोकप्रिय गौवंश है | हरयाणवी नस्ल की गाय के बारें में जानते है |

Submitted by Shanidham Gaushala on 07 Jul, 2019

4. हरयाणवी नाम के अनुरूप हरयाणवी गायें हरियाणा प्रदेश की मुख्यतः रोहतक, गुड़गांव और हिसार जिले में पायी जाती हैं। ये गायें सर्वांगी कहलाती हैं और मध्यम आकार की हल्के धूसर रंग की सफेद होती हैं। इस प्रजाति की गायें जहां दुधारू होती हैं, वहीं इनके बैल खेती-किसानी कार्य के लिए बहुत ही उपयुक्त माने जाते हैं। यही कारण है कि इसके बछड़े पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इसका मुंह संकीर्णता लिए हुए लंबा और सींग छोटे एवं दोनों ओर फैले हुए होते हैं। आंखें, थूथन और पूंछ काली होती हैं। हिसार क्षेत्र में पायी जानी हरयाणवी गौवंश को हासी कहा जाता है। इनके रंग भी सफेद मिश्रित खाकी होते हैं तथा बैल परिश्रमी होते हैं।


Read More 1,166 reads

गोपाष्टमी का महापर्व पुजा-अर्चना कर श्रद्धा से मनाया गया

Submitted by Shanidham Gaushala on 09 Nov, 2024

सोडावास, पाली के निकटवर्ती ग्राम सोडावास में सोडावास श्री शनिधाम गौशाला में गौमाताओं की पुजा-अर्चना कर श्रद्धा से मनाया गया गोपाष्टमी का महापर्व गौमाताओं को श्रीमहंत श्रद्धापुरी जी महाराज ने चन्दन रौली का टिका, चुंदरी ओड़ाकर गुड लापसी का भोग लगवाकर सुख समृद्धि की कामना की गई


Read More 971 reads

More Blogs

पशु , पक्षी, पर्यावरण एवं प्राणी संरक्षण केंद्र

यज्ञ में सोम की चर्चा है जो कपिला गाय के दूध से ही तैयार किया जाता था। इसीलिए महाभारत के अनुशासन पर्व में गौमाता के विषय में विशेष चर्चाऐं हैं। गाय सभी प्राणियों में प्रतिष्ठत है, गाय महान उपास्य है। गाय स्वयं लक्ष्मी है, गायों की सेवा कभी निष्फल नहीं होती।

मित्रो! यज्ञ में प्रयुक्त होने वाले शब्द जिनसे देवताओं व पितरों को हवन सामग्री प्रदान की जाती है, वे स्वाहा व षट्कार गौमाता में स्थायी रूप से स्थित हैं। स्पष्ट है, यज्ञ स्थल गाय के गोबर से लीपकर पवित्र होता है। गाय के दूध, दही, घृत, गोमूत्र और गोबर से बने हुए पंचगव्य से स्थल को पवित्र करते हैं।

Read More

Shanidham Gaushala Gallery
Shanidham Gaushala Gallery
Shanidham Gaushala Gallery
Shanidham Gaushala Gallery