भारतीय नस्ल के 20 सर्वाधिक लोकप्रिय गौवंश है | निमाड़ीनस्ल की गाय के बारें में जानते है |

Submitted by Shanidham Gaushala on 12 Jul, 2026

12. निमाड़ी मध्य प्रदेश के नर्मदा की घाटियों में पायी जाने वाली निमाड़ी प्रजाति की गौवंश का रूपरंग मूलतः गिर और खल्लारी से मेल खाता है। इसपर भूरापन लिए हुए लाल रंग के साथ जगह-जगह बड़े सफेद धब्बे होते हैं। यह दिखने में तांबे के रंग का होता है। इस प्रजाति का गौवंश काफी फूर्तिले होते हैं। अगर इनकी अच्छी देखभाल की जाए तो ये काफी दूध देते हैं। सिंग पीछे की ओर झुके हुए और पूंछ काली एवं साफ होती हैं। इस प्रजाति की अच्छी देखभाल करें, तो पर्याप्त मात्रा में दूध प्राप्त होता है।


Read More 796 reads

भारतीय नस्ल के 20 सर्वाधिक लोकप्रिय गौवंश है | पवार नस्ल की गाय के बारें में जानते है |

Submitted by Shanidham Gaushala on 12 Jul, 2026

11. पवार पवार नस्ल के गौवंश मुख्यतः उत्तर प्रदेश के रोहेलखंड स्थित पिलीभीत जिले में पायी जाती हैं। सफेद और काली या भूरे रंग की चितकबरी गाय के बारे में मान्यता है कि यह थारू जाति के अदिवासियों द्वारा वर्षों तक पाली जाती रही हैं। इस नस्ल का मूल आधार सफेद गाय और नेपाल अधारित गाय की नस्ल के मेल का है। इसके ललाट पर छोटा सा सफेद धब्बा दिखता है, सींगों की लंबाई 12 से 18 इंच तक हो सकती है तथा कान छोटे और नुकीले होते हैं। लंबी पूंछ नुकीली और साफ होती हैं। इस प्रजाति के बैल कृषि योग्य होते हैं। वैसे ये गायें दूध कम देती हैं।


Read More 1,233 reads

भारतीय नस्ल के 20 सर्वाधिक लोकप्रिय गौवंश है | हल्लिकर नस्ल की गाय के बारें में जानते है |

Submitted by Shanidham Gaushala on 12 Jul, 2026

10. हल्लिकर हल्लिकर प्रजाति की गायें ज्यादातर कर्नाटक के मैसूर क्षेत्र में पायी जाती हैं। वैसे इसकी उपलब्धता कर्नाटक के अन्य जिलों मांड्या, बेंगलुरू, कोलार, तुमकुर, हसन और चित्रदुर्ग में भी है। मध्यम आकार की सुगठित मांशपेशियों की यह गाय दक्षिण भारत की श्रेष्ठ नस्ल की मानी जाती है तथा उन इलाकों में भारत की अधिकतर प्रजातियां इसी से निकली हैं। हालांकि ये एक तरह से स्वतंत्र नस्ल की गायें होती हैं, जो अमृतहाल प्रजाति की गायों से अधिक दूध देती हैं। ये नर बछड़े को पूरा दूध पीने देती है। इसकी मुंह लंबोत्तरी और ललाट उभार लिए हुए होता है, जबकि सिंग खड़ी और खम्भे की तरह लंबी होती है। कान छोटे और नुकीले होते हैं और पूंछ काली होती है। इसका रंग सफेद लेकिन कालापन लिए हुए होता है।


Read More 926 reads

भारतीय नस्ल के 20 सर्वाधिक लोकप्रिय गौवंश है | गंगातिरी नस्ल की गाय के बारें में जानते है |

Submitted by Shanidham Gaushala on 12 Jul, 2026

9. गंगातिरी गंगा नदी के किनारे के इलाके में मुख्यतः बिहार और वाराणसी के क्षेत्र में पायी जाने वाली इस प्रजाति की गायें काफी दुधारू होती हैं। दूध देने वाली गायों की श्रेणी में ये काफी अच्छी मानी जाती है । यह हरयाणवी प्रजाति से विकसित की गई नई प्रजाति है, जो दुधारू गायों के विकास का एक विस्तार है। वाराणसी में पलने वाली इन गायों से प्रतिदिन 10 से 15 लीटर दूध निकाला जा सकता है। सफेद रंग की इन गायों की कसी हुई संकरे, मुंह की थुथन और आंखें काली होती हैं, जबकि दोनों सिंघें छोटे, नुकीले और दोनों ओर फैले हुए तथा दोनों कान नीचे की ओर झुके होते हैं। पूंछ लंबी, काली और साफ होती हैं।


Read More 1,054 reads

भारतीय नस्ल के 20 सर्वाधिक लोकप्रिय गौवंश है | लाल कंधारी नस्ल की गाय के बारें में जानते है |

Submitted by Shanidham Gaushala on 12 Jul, 2026

8. लाल कंधारी नांदेड़ जिले के कांधार और महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में पाये जाने वाली लाल कंधारी गायों के बारे में मान्यता है कि इस प्रजाति को चौथी सदी में कांधार के राजाओं के द्वारा विकसित किया गया था। औसत आकर की इन गायों का रंग गाढ़ा भूरा या गाढ़ा लाल होता है तथा इसकी ललाट चौड़ी होती है। लंबे कान दोनों ओर नीचे की ओर झुके होते हैं और आंखों के चारो ओर कालापन होने के साथ-साथ थुथन काली होती है। सीगें छोटी और दोनों तरफ सीधी लाइन में फैली हुई तथा पूंछ काली व लंबी होती हैं।


Read More 976 reads